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Abstract
भारत में आपदा प्रबंधन प्रणाली में ई-गवर्नेंस और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम) की भूमिका का
विश्लेषण प्रस्तुत करता है। वर्तमान समय में प्राकृतिक तथा मानव-निर्मित आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति और
तीव्रता ने प्रभावी, त्वरित और सटीक प्रबंधन तंत्र की आवश्यकता को अत्यंत महत्वपूर्ण बना दिया है। पारंपरिक
आपदा प्रबंधन प्रणाली कई सीमाओं से ग्रस्त रही है, जिनमें सूचना की देरी, संसाधनों का असमान वितरण तथा
समन्वय की कमी प्रमुख हैं। इस संदर्भ में, ई-गवर्नेंस पारदर्शिता, त्वरित सूचना प्रवाह तथा नागरिक सहभागिता
को बढ़ावा देता है, जबकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आपदाओं की पूर्वानुमान, निगरानी तथा निर्णय-निर्माण में महत्वपूर्ण
योगदान प्रदान करती है। यह अध्ययन दर्शाता है कि इन दोनों तकनीकों का समन्वित उपयोग आपदा प्रबंधन
की दक्षता को बढ़ा सकता है, जिससे जन-हानि और आर्थिक क्षति को न्यूनतम किया जा सकता है। हालांकि,
इस प्रणाली के कार्यान्वयन में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, तकनीकी अवसंरचना तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन की
कमी जैसी चुनौतियाँ भी सामने आती हैं। अतः इनके समाधान हेतु प्रभावी नीतिगत हस्तक्षेप, प्रशिक्षण कार्यक्रम
तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। अंततः, यह निष्कर्ष निकाला गया है कि ई-गवर्नेंस और कृत्रिम
बुद्धिमत्ता का समुचित उपयोग भविष्य में एक सशक्त, कुशल और उत्तरदायी आपदा प्रबंधन प्रणाली के निर्माण में
महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
Keywords
ई-गवर्नेंसकृत्रिम बुद्धिमत्ताआपदा प्रबंधनपूर्वानुमानजोखिम न्यूनीकरणडिजिटल प्रणाली
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Publication history
Received15 May 2026
Accepted20 May 2026
Published05 Jun 2026
DOI assigned30 Nov -0001
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