Article summary
Abstract
-: शहरी भूगोल के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रभाव तेजी से विस्तार कर रहा है। तकनीकी प्रगति के परिणामस्वरूप शहरी जीवन की जटिलताओं को समझना, उनका विश्लेषण करना तथा उनके समाधान तैयार करना अधिक सुसंगठित और वैज्ञानिक रूप ले चुका है। एआई आधारित प्रणालियाँ विशाल डेटा-संग्रह, पैटर्न विश्लेषण और निर्णय प्रक्रिया को स्वचालित बनाकर शहरी प्रशासन को अधिक सक्षम, उत्तरदायी और कुशल बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। नगर योजनाकार, नीति-निर्माता और सेवा-प्रदाता विभिन्न स्तरों पर एआई का प्रयोग कर स्मार्ट, सुरक्षित और समावेशी शहरी ढाँचा विकसित कर रहे हैं। इन प्रगतियों के बीच ट्रैफिक प्रबंधन, संसाधन-वितरण, सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता, पर्यावरण निगरानी और नागरिक-उन्मुख सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। इसके साथ-साथ, नैतिकता, सामाजिक असमानता, डेटा गोपनीयता और तकनीकी निर्भरता जैसे मुद्दे भी गंभीर रूप से उभरते हैं, जिनके समाधान हेतु संतुलित दृष्टिकोण आवश्यक है। इसी पृष्ठभूमि में, वर्तमान अध्ययन का उद्देश्य एआई के माध्यम से शहरी संरचनाओं, स्थानिक गतिशीलता और सामाजिक समावेशन में आ रहे परिवर्तनों का अवधारणात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करना है, ताकि अवसरों और चुनौतियों दोनों का स्पष्ट मूल्यांकन किया जा सके।