Article summary
Abstract
क्षमा शर्मा हिन्दी बाल साहित्य की महत्वपूर्ण रचनाकार हैं, जिनकी कहानियों में भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और नैतिक चेतना का सशक्त प्रतिबिम्ब मिलता है। प्रस्तुत शोध-पत्र में उनकी बाल कहानियों के माध्यम से भारत राष्ट्र एवं भारतीय सांस्कृतिक अनुराग के विविध आयामों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि उनकी कहानियाँ केवल मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि बाल पाठकों में राष्ट्र, परिवार, समाज, परंपरा, सहिष्णुता, सहयोग, करुणा, सत्य एवं कर्तव्य-बोध जैसी मानवीय संवेदनाओं को गहराई से स्थापित करती हैं। परिवार व रिश्तों की घनिष्ठता, लोकजीवन एवं त्योहारों की आनंदमयी छवि, प्रकृति एवं समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना तथा भारतीय जीवन-दृष्टि का संतुलित प्रस्तुतीकरण उनकी रचनात्मकता को विशिष्ट बनाता है। उनकी भाषा-शैली सरल, सरस और बाल-मन के अनुरूप है, जिससे सांस्कृतिक मूल्यों का संप्रेषण स्वाभाविक रूप से संभव होता है। निष्कर्षतः क्षमा शर्मा की बाल कहानियाँ राष्ट्र एवं संस्कृति के संवाहक के रूप में प्रभावी भूमिका निभाती हैं और समकालीन बाल साहित्य में राष्ट्रीय पहचान एवं सांस्कृतिक चेतना के निर्माण की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण सिद्ध होती हैं।