Article summary
Abstract
वर्तमान वैश्वीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी आ डिजिटल क्रान्तिक युगमे भाषाक महत्व केवल सांस्कृतिक
अभिव्यक्तिधरि सीमित नहि रहल अछि, अपितु रोजगार आ आर्थिक विकासक क्षेत्रमे सेहो एकर महत्वपूर्ण योगदान
देखल जा रहल अछि। मैथिली भाषा, जे भारतक संविधानक अष्टम अनुसूचीमे सम्मिलित एक प्रमुख भाषा थिक,
विभिन्न क्षेत्रसभमे रोजगारक नव अवसर उत्पन्न कऽ रहल अछि। शिक्षा, प्रशासन, मीडिया, मनोरंजन, अनुवाद,
डिजिटल कंटेन्ट निर्माण, ऑनलाइन सेवा तथा उद्यमिता जेकाँ क्षेत्रमे मैथिली भाषाक उपयोग निरन्तर बढ़ि रहल
अछि। डिजिटल मंचसभक विस्तारक कारण मैथिली भाषामे सामग्री निर्माण, शिक्षण, पत्रकारिता तथा सांस्कृतिक
गतिविधिसभक मांग बढ़ल अछि, जाहिसँ युवासभ लेल रोजगारक नव सम्भावना विकसित भेल अछि।
एहि शोध-पत्रमे मैथिली भाषा आ रोजगारक अन्तर्सम्बन्धक विश्लेषण कएल गेल अछि। अध्ययनमे शिक्षा,
प्रशासन, मीडिया तथा डिजिटल रोजगारक क्षेत्रमे मैथिली भाषाक उपयोगिता, चुनौती तथा सम्भावनासभ पर
विचार कएल गेल अछि। संगहि प्रशिक्षण, कौशल विकास, मानकीकरण तथा नीतिगत सहयोगक आवश्यकताक
सेहो विवेचना कएल गेल अछि। निष्कर्षतः ई कहल जा सकैत अछि जे उचित नीति, संस्थागत समर्थन आ
तकनीकी विकासक माध्यमसँ मैथिली भाषा रोजगार सृजन तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकासक एक सशक्त माध्यम बनि
सकैत अछि।