Article summary
Abstract
बौद्ध धर्म प्राचीन भारत में विकसित हुआ एक धर्म है। इसका विकास भारत में लगभग 2500 वर्ष पूर्व, ईसा पूर्व छठी से चौथी शताब्दी के बीच हुआ था। गौतम बुद्ध ने लोगों के बीच दार्शनिक विचारों की इस परंपरा की शुरुआत की, जो बाद में एक धर्म बन गई। भारत में बौद्ध धर्म एक प्रसिद्ध धर्म है। गौतम बुद्ध की मृत्यु के बाद, उनके अनुयायियों ने जनता के बीच उनके विचारों को फैलाने का आंदोलन शुरू किया। इतना ही नहीं, उस समय के कई राजाओं ने भी इस धर्म को अपनाया और इसका प्रसार किया। साथ ही, विश्वविद्यालयों और विभिन्न देशों के व्यापारिक संबंधों ने भी बौद्ध धर्म के प्रसार में योगदान दिया। बौद्ध धर्म, जिसकी स्थापना छठी शताब्दी ईसा पूर्व के उत्तरार्ध में सिद्धार्थ गौतम (“बुद्ध“) द्वारा की गई थी, अधिकांश एशियाई देशों में एक प्रमुख धर्म है। बौद्ध धर्म ने अनेक रूप धारण किए हैं, लेकिन प्रत्येक रूप बुद्ध के जीवन अनुभवों, उनके धर्म या धम्म नामक उपदेशों और उनकी शिक्षाओं के सार से धार्मिक जीवन के आदर्शों को ग्रहण करने का प्रयास किया गया है। उदार हृदय, दयालु वाणी और सेवा व करुणा का जीवन, वे बातें हैं जो मानवता का नवीनीकरण करती हैं। युद्ध संतप्त मानव के लिए महात्मा बुद्ध द्वारा स्फुटित यह वचन युगों तक शांति और सद्भावना का संदेश हैं। समय का कोई भी कालखंड हो, परिस्थितियाँ कैसी भी रही हों अध्यात्म का केंद्र बिन्दु हमेशा भारत ही रहा है और यही कारण है कि भारत के लोगों द्वारा धर्म को इतनी मान्यता दी जाती है।