Article summary
Abstract
यह शोध-पत्र नई शिक्षा नीति 2020 का गांधीवादी दृष्टिकोण से विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जिसमें विशेष रूप से उच्च शिक्षा के संदर्भ में कौशल विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता के आयामों पर विचार किया गया है। अध्ययन का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि किस प्रकार नई शिक्षा नीति भारतीय शिक्षण व्यवस्था को केवल ज्ञान-आधारित प्रणाली से आगे बढ़ाकर कौशल, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व से युक्त समग्र शिक्षा की ओर अग्रसर करती है। गांधीजी के Nai Talim, स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज के सिद्धांतों के आलोक में यह विश्लेषण दर्शाता है कि नीति में व्यावसायिक शिक्षा, स्थानीय संसाधनों का उपयोग, अनुभवात्मक शिक्षण और सतत मूल्यांकन जैसे प्रावधान आत्मनिर्भर नागरिक निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। साथ ही, शोध-पत्र नीति के कार्यान्वयन, संसाधन-संरचना, ग्रामीण असमानताओं तथा बाहरी निर्भरता जैसी चुनौतियों का आलोचनात्मक परीक्षण भी करता है। निष्कर्षतः, यह अध्ययन स्थापित करता है कि यदि नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को गांधीवादी मूल्यों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, तो यह न केवल रोजगारोन्मुख शिक्षा को सशक्त करेगी, बल्कि सामाजिक समरसता, नैतिक चेतना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।