सहायक आचार्य, शिक्षा संकाय, राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय (उ.प्र.), शिक्षा संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली-110007 Author(s): डॉ0 गौरव राव, आचार्य, शिक्षा संकाय, राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय (उ.प्र.) एवं शिक्षा संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली-110007 DOI: 10.70650/rvimj.2025v2i100005 DOI URL: https://doi.org/10.70650/rvimj.2025v2i100005 Published Date: 03-10-2025 Issue: Vol. 2 No. 10 (2025): October 2025 Published Paper PDF: Download Abstract: राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 में व्यक्तित्व विकास के लिए सुझाए गए आयाम वास्तव में अत्यंत हितकारी हैं। स्नातक स्तर शिक्षा का वह स्तर होता है जहाँ विद्यार्थी अपने कैरियर के प्रति सोंचना शुरू कर देते हैं। आज की शिक्षा का उद्धेश्य व्यक्तित्व विकास के साथ ही जीविकोपार्जन भी है इसलिए शिक्षा के द्वारा बालक को इस तरह से ढाला और परिवर्तित किया जाता है कि वह आने वाले समय में अपने लिए एक अच्छे व्यवसाय का वरण कर सके। यह सब तभी संभव हो सकता है जब इन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को अच्छी तरह से विकसित करने के मार्ग ढूंढ लिए जाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 में इन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए काफी प्रयास किये गए हैं। इस नीति में इन विद्यार्थियों के सतत और व्यावसायिक विकास की बात की गयी है जिससे यह विद्यार्थी किसी व्यवसाय को प्राप्त कर सकें। कैरियर प्रबंधन की कल्पना काफी सराहनीय है क्योंकि अगर कैरियर का चुनाव सही तरीके से किया जाता है तब उसे प्राप्त करने में आसानी होती है। शिक्षण संस्थानों में अलगाव की परम्परा काफी विचित्र रूप धारण कर चुकी है जिसे इस नीति में जड़ से समाप्त करने पर बल दिया गया है। इस नीति में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान कराना व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा क्योंकि शिक्षा के प्राथमिक स्तर पर अगर इस समस्या का निराकरण कर लिया जाये तो विद्यार्थियों का विकास आसानी से किया जा सकता है। मुख्य शब्दः व्यक्तित्व, बहु-विषयक शिक्षा, बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान, कैरियर, आकलन और अलगाव।
आचार्य, शिक्षा संकाय, राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय (उ.प्र.) एवं शिक्षा संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली-110007
JournalRVIMJ
Volume / Issue2 / 10
Pages23–29
Published03 Oct 2025
Paper IDRVIMJ210O250005
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Abstract
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 में व्यक्तित्व विकास के लिए सुझाए गए आयाम वास्तव में अत्यंत हितकारी हैं। स्नातक स्तर शिक्षा का वह स्तर होता है जहाँ विद्यार्थी अपने कैरियर के प्रति सोंचना शुरू कर देते हैं। आज की शिक्षा का उद्धेश्य व्यक्तित्व विकास के साथ ही जीविकोपार्जन भी है इसलिए शिक्षा के द्वारा बालक को इस तरह से ढाला और परिवर्तित किया जाता है कि वह आने वाले समय में अपने लिए एक अच्छे व्यवसाय का वरण कर सके। यह सब तभी संभव हो सकता है जब इन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को अच्छी तरह से विकसित करने के मार्ग ढूंढ लिए जाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 में इन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए काफी प्रयास किये गए हैं। इस नीति में इन विद्यार्थियों के सतत और व्यावसायिक विकास की बात की गयी है जिससे यह विद्यार्थी किसी व्यवसाय को प्राप्त कर सकें। कैरियर प्रबंधन की कल्पना काफी सराहनीय है क्योंकि अगर कैरियर का चुनाव सही तरीके से किया जाता है तब उसे प्राप्त करने में आसानी होती है। शिक्षण संस्थानों में अलगाव की परम्परा काफी विचित्र रूप धारण कर चुकी है जिसे इस नीति में जड़ से समाप्त करने पर बल दिया गया है। इस नीति में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान कराना व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा क्योंकि शिक्षा के प्राथमिक स्तर पर अगर इस समस्या का निराकरण कर लिया जाये तो विद्यार्थियों का विकास आसानी से किया जा सकता है।
Keywords
ः व्यक्तित्वबहु-विषयक शिक्षाबुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञानकैरियरआकलन और अलगाव।
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अमर सिंह, गौरव राव (2025). स्नातक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के विविध आयामः नई शिक्षा नीति, 2020 के सन्दर्भ में. Research Vidyapith International Multidisciplinary Journal, 2(10), 23–29. https://doi.org/10.70650/rvimj.2025v2i100005
अमर सिंह, गौरव राव. “स्नातक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के विविध आयामः नई शिक्षा नीति, 2020 के सन्दर्भ में.” Research Vidyapith International Multidisciplinary Journal, vol. 2, no. 10, 2025, pp. 23–29. https://doi.org/10.70650/rvimj.2025v2i100005
अमर सिंह, गौरव राव. “स्नातक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के विविध आयामः नई शिक्षा नीति, 2020 के सन्दर्भ में.” Research Vidyapith International Multidisciplinary Journal 2, no. 10 (2025): 23–29. https://doi.org/10.70650/rvimj.2025v2i100005
अमर सिंह, गौरव राव (2025) ‘स्नातक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के विविध आयामः नई शिक्षा नीति, 2020 के सन्दर्भ में’, Research Vidyapith International Multidisciplinary Journal, 2(10), pp. 23–29. Available at: https://doi.org/10.70650/rvimj.2025v2i100005.
अमर सिंह, गौरव राव, “स्नातक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के विविध आयामः नई शिक्षा नीति, 2020 के सन्दर्भ में,” Research Vidyapith International Multidisciplinary Journal, vol. 2, no. 10, pp. 23–29, 2025. https://doi.org/10.70650/rvimj.2025v2i100005.
अमर सिंह, गौरव राव. स्नातक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के विविध आयामः नई शिक्षा नीति, 2020 के सन्दर्भ में. Research Vidyapith International Multidisciplinary Journal. 2025;2(10):23–29. https://doi.org/10.70650/rvimj.2025v2i100005.
अमर सिंह, गौरव राव. स्नातक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के विविध आयामः नई शिक्षा नीति, 2020 के सन्दर्भ में. Research Vidyapith International Multidisciplinary Journal 2025, 2 (10), 23–29. https://doi.org/10.70650/rvimj.2025v2i100005.
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