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भारत में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका

Author(s): डॉ0 बबीता खाती, असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षाशास्त्र विद्याशाखा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी.   DOI: 10.70650/rvimj.2026v3i2005   DOI URL: https://doi.org/10.70650/rvimj.2026v3i2005
Published Date: 03-02-2026 Issue: Vol. 3 No. 2 (2026): February 2026 Published Paper PDF: Download

सारांश: वर्तमान परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण शिक्षा व्यवस्था में तीव्र गति से सकारात्मक परिवर्तन होने की संभावना होते हुए प्रतीत हो रही है भारत जैसे विकासशील देश में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा महत्वपूर्ण शैक्षिक स्तम्भ बन चुका है यह शोध पत्र भारत जैसे विकासशील देश की मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में कृ त्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका का विश्लेषण करता है तकनीकी विकास होने के कारण जहाँ एक ओर शिक्षा की दशा को सुलभ और साकार बनाया गया है वहीं दूसरी ओर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा में लर्निंग, पर्सनलाइज्ड लर्निंग, चाटबोट्स उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में 21वीं सदी में कई महत्वपूर्ण क्रन्तिकारी परिवर्तन देखने को प्राप्त हो रहे है। जिसमें भारत जैसे विशाल जनसँख्या और सामाजिक विविधता वाले देश में पारंपरिक शिक्षा प्रणाली मात्र चारदीवारी तक ही सीमित नहीं है बल्कि चारहदीवारी को पार करते हुए मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा महत्वपूर्ण रूप से शिक्षार्थियों के लिए उभर कर आया है। इस शोध पत्र के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि भारत में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उपयोग एवं चुनौतियां और भविष्य में इसकी क्या संभावनाएं है। यह शोध पत्र भारतीय संदर्भ में शिक्षा के परिदृश्य में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का मूल्यांकन करता है और विश्लेषण करता है कि ।प् किस प्रकार से दूरस्थ शिक्षा में नवाचार को बढावा देता है।

मुख्य शब्द: मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, चाटबोट्स, अनुकूलित पाठ्यक्रम.


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